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अपडेटपंचायत चुनाव 2026: आयोग ने तैयारी के 7 आदेश जारी किए, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी
जानकारीआधिकारिक स्रोतों से मिलान: 3 अक्टूबर 2026

पंचायत चुनाव प्रचार के नियम — पोस्टर से लाउडस्पीकर तक (राजस्थान 2026)

पंचायत चुनाव में प्रचार के नियम दो जगह हैं — राज्य निर्वाचन आयोग की आदर्श आचरण संहिता 2026 और वाहन, लाउडस्पीकर व पोस्टर-बैनर पर आयोग का आदेश (अधिसूचना 5052, 23 दिसंबर 2025)। आचार संहिता चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से लागू होती है और प्रक्रिया पूरी होने तक रहती है। नीचे हर नियम के साथ उसका स्रोत है।
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पंचायत चुनाव में पोस्टर लगा सकते हैं, पर उस पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता होना चाहिए, सार्वजनिक जगह पर स्थानीय प्राधिकारी की और निजी जगह पर मालिक की लिखित अनुमति चाहिए, और मतदान बूथ के 200 मीटर में कोई पोस्टर-बैनर नहीं लगेगा। सरपंच उम्मीदवार 1, पंचायत समिति 2 और जिला परिषद उम्मीदवार 3 वाहन रिटर्निंग अधिकारी की अनुमति से चला सकते हैं; लाउडस्पीकर सुबह 6 से रात 10 बजे तक अनुमति से। मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटे में सभा, रैली और लाउडस्पीकर बंद। खर्च सीमा: सरपंच ₹1 लाख, पंचायत समिति ₹1.5 लाख, जिला परिषद ₹3 लाख।

एक नज़र में

  • पोस्टर: मुद्रक-प्रकाशक का नाम-पता ज़रूरी; सार्वजनिक जगह पर लिखित अनुमति; बूथ के 200 मीटर में नहीं।
  • वाहन: सरपंच 1, पंचायत समिति 2, जिला परिषद 3; बस, ट्रक, मेटाडोर और पशुचालित वाहन पूरी तरह मना।
  • लाउडस्पीकर: सुबह 6 से रात 10, लिखित अनुमति से; चुनाव कार्यालय पर और अस्पताल-स्कूल-धार्मिक स्थल के 100 मीटर में नहीं।
  • आखिरी 48 घंटे: सभा, रैली, वाहन-काफिला और लाउडस्पीकर बंद; शराब बाँटना मना।
  • खर्च सीमा: सरपंच ₹1,00,000 · पंचायत समिति ₹1,50,000 · जिला परिषद ₹3,00,000; हिसाब परिणाम के 15 दिन में।
  • उल्लंघन: ₹2,000 तक जुर्माना और आयोग के आदेश से 6 साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य (धारा 22क)।

पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और दीवार लेखन

  • पोस्टर छपवाते समय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क का पालन ज़रूरी — यानी पोस्टर या पर्चे पर मुद्रक (प्रिंटर) और प्रकाशक का नाम-पता छपा हो।
  • सार्वजनिक जगह पर कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर के लिए स्थानीय प्राधिकारी या सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति।
  • निजी संपत्ति पर (जहाँ स्थानीय कानून में अलग प्रावधान न हो) सिर्फ़ आसानी से हटने वाली सामग्री — झंडियाँ, बैनर — और वह भी मालिक की लिखित अनुमति से। बिना अनुमति किसी की ज़मीन, मकान, अहाते या दीवार पर चिह्न, झंडा, पोस्टर, नारे या बैनर नहीं।
  • किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर के घेरे में कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर नहीं। मतदान के दिन उम्मीदवार के बूथ पर सिर्फ़ एक बैनर (अधिकतम 2×5 फीट), जिस पर किसी नेता या उम्मीदवार की फोटो, चुनाव चिह्न या नारा न हो।
  • दूसरे उम्मीदवार के पोस्टर न हटाएँ।
  • प्रचार सामग्री में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 12 अगस्त 2021 की अधिसूचना (प्लास्टिक कचरा प्रबंधन) का अक्षरशः पालन।

घोषणा के बाद जिला प्रशासन सरकारी संपत्ति से 24 घंटे, सार्वजनिक संपत्ति से 48 घंटे और निजी संपत्ति से 72 घंटे के भीतर दीवार लेखन, पोस्टर, होर्डिंग, बैनर और झंडे हटवाकर आयोग को रिपोर्ट देता है (SEC पत्र 8703)।

वाहन — कितने और कैसे

चुनावअधिकतम वाहनअनुमति कौन देता है
सरपंच1उपखंड अधिकारी
पंचायत समिति सदस्य2रिटर्निंग अधिकारी
जिला परिषद सदस्य3रिटर्निंग अधिकारी

SEC अधिसूचना 5052 (23.12.2025), खंड 4 — वाहन यानी जीप, कार, तिपहिया टैम्पो आदि

  • पूरी तरह मना (अधिसूचना से चुनाव खत्म होने तक): बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर, और तांगा, ऊँटगाड़ी, बैलगाड़ी जैसे पशुचालित वाहन।
  • वाहन चलाने से कम से कम 24 घंटे पहले उसकी संख्या, प्रकार और चालक का नाम-पता लिखकर देना होता है; अनुमति प्ररूप 'ख' में मिलती है और वाहन पर लगानी होती है।
  • 3 से ज़्यादा वाहनों की रैली या काफिला नहीं; मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटे में कोई रैली या काफिला नहीं।
  • मतदान के दिन के लिए अलग लिखित अनुमति। उस वाहन में सिर्फ़ उम्मीदवार, उसका परिवार, निर्वाचन अभिकर्ता और उसका परिवार; मतदाताओं को मतदान केंद्र लाना-ले जाना मना।
  • नामांकन के समय: रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में उम्मीदवार सहित अधिकतम 5 लोग, कोई रैली नहीं, और कार्यालय के 100 मीटर में सरपंच 1, पंचायत समिति 2, जिला परिषद 3 गाड़ियाँ। नाम वापस न लेने पर इन गाड़ियों का खर्च चुनावी खर्च में जुड़ता है (SEC पत्र 8918)।

लाउडस्पीकर, सभा और जुलूस

  • लाउडस्पीकर सिर्फ़ सुबह 6 से रात 10 बजे तक, जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या सक्षम प्राधिकारी की प्ररूप 'ग' में लिखित अनुमति से; आवेदन में कब, कैसे और कहाँ लिखना होता है।
  • उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर पूरी तरह मना; अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थल के 100 मीटर में भी मना; अनुमति के बाद भी तेज़ आवाज़ में नहीं।
  • आमसभा, जुलूस या रैली के लिए क्षेत्र के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति; स्थान और समय की सूचना पहले से पुलिस को; लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन।
  • जुलूस का समय, शुरू-खत्म होने की जगह और रास्ता पहले तय हो; सड़क के एक ओर चले; दूसरे उम्मीदवार की सभा वाले रास्ते से न गुज़रे; पुतले ले जाना या जलाना मना; ऐसी कोई चीज़ साथ न हो जिसका गुस्से में दुरुपयोग हो सके।
  • दूसरों की सभा या जुलूस में बाधा नहीं — न सवाल पूछकर, न पर्चे बाँटकर। अपनी सभा में गड़बड़ी हो तो खुद कार्रवाई न करें, ड्यूटी पर तैनात पुलिस की मदद लें।

आखिरी 48 घंटे और मतदान का दिन

  • मतदान खत्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटे में सार्वजनिक सभा नहीं, वाहन रैली या काफिला नहीं और लाउडस्पीकर नहीं।
  • मतदान के दिन और उससे पहले के 48 घंटे में किसी को शराब पेश या वितरित न की जाए; उम्मीदवार अपने कार्यकर्ताओं को भी रोकें।
  • मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियाँ सादे सफ़ेद कागज़ पर हों, उन पर कोई चिह्न, उम्मीदवार का नाम या दल का नाम न हो।
  • उम्मीदवार का कैम्प मतदान केंद्र के 200 मीटर के घेरे में किसी भी हाल में नहीं; कैम्प साधारण हो — टेंट नहीं, पोस्टर-झंडे-चिह्न नहीं, खाने की चीज़ें नहीं, भीड़ नहीं।
  • मतदान केंद्र और उसके 100 मीटर में वोट माँगना (मत संयाचना) मना; किसी और के नाम से वोट डालने की कोशिश अपराध है।
  • मतदाता के अलावा कोई भी आयोग के वैध पास के बिना मतदान केंद्र में नहीं जा सकता।

खर्च सीमा और हिसाब

पदअधिकतम चुनाव खर्च
जिला परिषद सदस्य₹3,00,000
पंचायत समिति सदस्य₹1,50,000
सरपंच₹1,00,000

SEC अधिसूचना 5052 (23.12.2025), खंड 7 — धारा 22क के तहत

चुनाव खर्च का हिसाब प्ररूप 'क' में परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) यानी कलेक्टर या उनके अधिकृत अधिकारी को देना होता है। यह हिसाब 3 दिन तक नोटिस बोर्ड पर लगता है और उसके बाद के 7 दिन में कोई भी व्यक्ति उस पर आपत्ति कर सकता है।

क्या बिल्कुल मना है

  • धर्म, सम्प्रदाय या जाति की भावनाओं के सहारे वोट माँगना; मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर जैसे पूजा-स्थलों से प्रचार।
  • विरोधियों के निजी जीवन की आलोचना या बिना पुष्टि के आरोप — आलोचना सिर्फ़ नीतियों, कार्यक्रम और काम की।
  • मतदाताओं को रिश्वत देना, डराना-धमकाना, किसी और के नाम से वोट डलवाना; किसी के घर के बाहर प्रदर्शन या धरना।
  • केंद्र, राज्य या स्थानीय निकाय के कर्मचारी को अपना अभिकर्ता बनाना या प्रचार में लगाना।
  • सत्ताधारी दल: सरकारी वाहन, मशीनरी या कर्मचारी प्रचार में नहीं; घोषणा के बाद नई वित्तीय मंज़ूरी, शिलान्यास, सड़क-पानी के वादे, विवेकाधीन अनुदान, तदर्थ नियुक्तियाँ और चुनाव से जुड़े कर्मचारियों के तबादले नहीं।

नियम तोड़ने पर — सज़ा और शिकायत

पंचायती राज अधिनियम की धारा 22क के तहत वाहन, लाउडस्पीकर, पोस्टर-बैनर या खर्च सीमा के नियम तोड़ने पर दोष साबित होने पर ₹2,000 तक जुर्माना हो सकता है, और आयोग के आदेश से वह व्यक्ति 6 साल तक किसी पंचायती राज संस्था का सदस्य चुने जाने से अयोग्य हो सकता है।

शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) यानी कलेक्टर या उनके अधिकृत अधिकारी से की जा सकती है; वे खुद या तहसीलदार से कम स्तर के न होने वाले अधिकारी से जाँच करवाते हैं, और आरोप सही पाए जाने पर उपखंड अधिकारी अदालत में परिवाद दायर करता है। चुनाव से जुड़ी किसी भी शिकायत की सूचना आयोग के पर्यवेक्षक को भी दी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सरपंच चुनाव में पोस्टर लगा सकते हैं?

हाँ, नियमों के साथ: पोस्टर पर मुद्रक-प्रकाशक का नाम-पता, सार्वजनिक जगह पर स्थानीय प्राधिकारी की और निजी जगह पर मालिक की लिखित अनुमति, और मतदान बूथ के 200 मीटर में नहीं (SEC अधिसूचना 5052)।

सरपंच उम्मीदवार प्रचार में कितनी गाड़ियाँ चला सकता है?

एक, उपखंड अधिकारी की लिखित अनुमति से; पंचायत समिति उम्मीदवार 2 और जिला परिषद उम्मीदवार 3। बस, ट्रक, मेटाडोर और पशुचालित वाहन पूरी तरह मना।

पंचायत चुनाव में प्रचार कब बंद होता है?

मतदान खत्म होने के तय समय से 48 घंटे पहले सभा, रैली, वाहन-काफिला और लाउडस्पीकर बंद हो जाते हैं।

लाउडस्पीकर कब तक बजा सकते हैं?

सुबह 6 से रात 10 बजे तक, लिखित अनुमति से; चुनाव कार्यालय पर और अस्पताल, स्कूल व धार्मिक स्थल के 100 मीटर में कभी नहीं।

सरपंच चुनाव में कितना खर्च कर सकते हैं?

अधिकतम ₹1,00,000; पंचायत समिति सदस्य ₹1,50,000 और जिला परिषद सदस्य ₹3,00,000। हिसाब परिणाम के 15 दिन में कलेक्टर को।

नियम तोड़ने पर क्या सज़ा है?

दोष साबित होने पर ₹2,000 तक जुर्माना, और आयोग के आदेश से 6 साल तक पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक (धारा 22क)।

आचार संहिता कब से लागू होती है?

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक (SEC पत्र 8703)।

स्रोत

हर तथ्य इन्हीं आधिकारिक दस्तावेज़ों से लिया गया है

  1. SEC अधिसूचना 5052 (23.12.2025) — वाहन, लाउडस्पीकर, पोस्टर-बैनर और खर्च सीमा (sec.rajasthan.gov.in)
  2. राज्य निर्वाचन आयोग — आदर्श आचरण संहिता 2026 (पुस्तिका) (sec.rajasthan.gov.in)
  3. SEC पत्र 8703 (14.09.2026) — आचार संहिता की पालना (sec.rajasthan.gov.in)
  4. SEC पत्र 8918 (16.09.2026) — नामांकन के समय वाहन व लोगों की सीमा (sec.rajasthan.gov.in)

यह आम जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नामांकन या किसी आधिकारिक काम से पहले राज्य निर्वाचन आयोग / रिटर्निंग अधिकारी से पुष्टि करें। अस्वीकरण